सुनील अरोड़ा ने संभाला मुख्य चुनाव आयुक्त अध्यक्ष का कार्यभार

सुनील अरोड़ा ने संभाला मुख्य चुनाव आयुक्त अध्यक्ष का कार्यभार  : देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने मंगलवार  को विश्व निर्वाचन निकायों के संघ (एडब्ल्यूईबी ) के अध्यक्ष का पदभार संभाला |  | वह 2019-21 तक अध्यक्ष रहेंगे | इस आशय का फैसला यह चल रही एडब्लयूईबी की चौथी महा सभा में किया गया | इसमें 50 देशों के 120 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं | मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने एडब्लयूईबी के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के एक सत्र में कहा की भारत 2011-2012 में एडब्लयूईबी के गठन की प्रक्रिया से काफी करीब से जुड़ा रहा साथ ही 2013 में एडब्लयूईबी के संस्थापक सदस्यों में से एक था | उन्होंने कहा की भारत 2013  से ही एग्जीक्यूटिव बोर्ड मेंबर है | 2017 से एडब्लयूईबी के उपाध्यक्ष की कुर्सी पर उन्ही का कब्जा था | भारत में 2019 लोकसभा चुनाव सीईसी सुनील अरोड़ा की निगरानी में ही संपन्न कराए गए थे | यह चुनाव सात चरणों में पुरे हुए थे |

सुनील अरोड़ा 

सुनील अरोड़ा मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले हैं | उन्होंने वही से अपनी शिक्षा पूर्ण की है | सुनील अरोड़ा के पिता जालंधर में रेलवे में अकाउंट्स ऑफिसर थे | और उनकी माँ डीएवी कालेज होशियारपुर में गर्ल्स सेक्शन की इंचार्ज थी | सुनील अरोड़ा की शुरुआती शिक्षा होशियार के विद्या मंदिर स्कूल और दयानंद मॉडल स्कूल से हुई , इसके बाद डीएवी और वहां से डीएवी कालेज होशियार से सुनील अरोड़ा ने बीए तक की पढ़ाई की | इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी से एमए करने के बाद सुनील अरोड़ा यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाने लगे | उनका पढ़ाई से विशेष लगाव था जिसकी वजह से उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल होते रहे और 1980 में जाकर वह आईएएस बने |

आपको बता दे कि नए मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा भारतीय सेवा (आईएएस ) के 1980 बैच के राजस्थान काडर के सेवानिवृति अधिकारी हैं | बतौर चुनाव आयुक्त अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017  को हुई थी | राजस्थान में प्रशासनिक सेवा के दौरान विभिन्न जिलों में तैनाती के आलावा 62 वर्षीय अरोड़ा ने केंद्र सरकार में सुचना एवं प्रसारण सचिव और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया था | और इसके आलावा वह वित्त और कपड़ा मंत्रालय एवं योजना आयोग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवा दे चुके है | वह 1993  से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के सचिव और 2005 से 2008 तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी रहे |