दीपक पुनिया के पैर में लगी चोट, फाइनल में पहुंचने से चूक गए  : भारतीय पहलवान दीपक पुनिया 86 किग्रा वेट कैटेगरी के फाइनल में पहुंचे थे और फाइनल मुकाबले में ईरान के ओलम्पिक चैम्पियन हसन यजदानी के खिलाफ खेलना थे लेकिन विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल के लिए दीपक पुनिया चोट के कारण अब फाइनल मुकाबला नहीं खेल पाएंगे | उन्हें रजत रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा  | दीपक पुनिया को अपने पहले ही दौर के मुकाबले में बाएं पैर और आंख में चोट लगी थी | जिसकी वजह से वह फाइनल मुकाबले में उतरने के लिए फिट नहीं माने गए | 

दीपक पुनिया पहली बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप में इतिहास रच दिया | 2016 में विश्व कैडेट का खिताब अपने नाम करने वाले भारतीय पहलवान दीपक पुनिया ने कुछ दिनों पहले ही जूनियर वर्ल्ड चैम्पियन में गोल्ड जीत चुके हैं |

इनके पास इस साल का गोल्ड मेडल को डबल करने का मौका था | लेकिन दीपक पुनिया को चोट लगने के कारण उनकी उम्मीदों पर झटका लगा | हालांकि दीपक पुनिया ने 86 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही ओलम्पिक कोटा भी हासिल कर लिया था | वह ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने वाले चौथे भारतीय पहलवान बन गए है | 

2019 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान दीपक पुनिया ने पहले , प्री -क्वार्टर फाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हए तजाकिस्तान के बख़ोदूर कोदिराव को 6 – 0  से पराजित किया था | सेमीफाइनल में दायक पुनिया ने स्विट्जरलैंड के स्टेफन रिचमुथ को 8-2 से हराया और उनका फाइनल मुकाबला इस साल का ईरानी पहलवान हसन से होना था | जो दीपक पुनिया को चोट लगने के कारण से नहीं हो सका | 

भारतीय पहलवान दीपक पुनिया विश्व चैम्पियन के फाइनल में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय पहलवान बने | उन्होंने 2020 टोक्यो ओलम्पिक के लिए एक कोटा स्थान बुक किया और खुद को कम से कम एक रजत का आश्वासन दिया , जिसे वर्तमान संस्करण में कोई अन्य भारतीय सुरक्षित नहीं कर पाया | 

 

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