चीन पर रहेगी भारत की नजर, वायुसेना को मिला एक और एडवांस लैंडिग ग्राउंड : 18 सितंबर को फिक्स विंग के विमानों के संचालन के लिए अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी एयर कमांडर एयर मार्शल आरडी माथुर और पूर्वी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान संयुक्त रूप से विजयनगर एडवांस लैंडिग ग्राउंड  का उद्घाटन किया | 18 सितंबर को ये अधिकारी वायु सेना के एएन -32 विमान से विजय नगर उतरे थे |

चीन पर रहेगी भारत की नजर

चीन के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए यह लैंडिग ग्राउंड भारतीय वायुसेना को मजबूती प्रदान करने में मदद करेगा | एडवांस लैंडिंग ग्राउंड चीन और म्यांमार के सीमा से काफी नजदीक है इसलिए चीन पर विजयनगर एडवांस लैंडिग ग्राउंड से आसानी से नजर बनाए रख सकती है | भारतीय वायु सेना को एडवांस लैंडिंग ग्राउंड मिलने से यहां से फिक्स विंग के एयरक्राफ्ट जैसे एएन -32,सुखोई-30,एमकेआई,मिराज-2000 , जगुआर और तेजस उड़ान भर सकेंगे | इस एडवांस लैंडिग ग्राउंड (ALG) के फिर से शुरू होने से वायुसेना को पूर्वोत्तर में आपरेशनों को अंजाम देने में मदद मिलेगी | इसमें कुल आठ एडवांस लैंडिंग ग्राउंड पुर्नजीवित किए जाए रहे हैं |

एडवांस लैंडिंग ग्राउंड क्यों हैं महत्वपूर्ण 

एडवांस लैंडिंग ग्राउंड चीन और म्यांमार के सीमा से काफी नजदीक है | विजयनगर का क्षेत्र तीन तरफ से म्यांमार से घिरा हुआ है | एडवांस लैंडिंग ग्राउंड से आसानी से भारतीय सैनिकों को , हथियारों और समानो को आसानी से चीन सीमा तक पहुंचाया जा सकेगा | साथ ही यह अस्थानीय लोगों के आवागमन को भीं आसान बनाएगी और  दूर क्षेत्र के निवासियों तक अपनी पहुंच बढ़ाने में महत्पूर्ण है | भारतीय वायु सेना और सेना द्वारा विजयनगर की रक्षा के लिए संयुक्त अभियान शुरू करने की सुविधा  प्रदान करेगा | अरुणाचल प्रदेश के इस राज्य से भारत -चीन सीमा की 1126 किमी लंबी सीमा को नियंत्रण रेखा कहा जाता है |

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